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Monday, 25 September 2017

हिजामा एक यूनानी इलाज (कपिंग थेरेपी)

हिजामा  एक  यूनानी    इलाज    है  जिस  के  ज़रिये  जिस्म  से  खराब  खून  निकाल  दिया  जाता  है  बगैर   कोई  दर्द ,  दवा  और  साइड  इफ़ेक्ट  के . इसकी थ्योरी यह है कि शरीर में कई बीमारी की वजह खून का असंतुलन होता है, कपिंग थेरेपी के जरिए इस ब्लड को बैलेंस कर देते हैं और बीमारी ठीक हो जाती है और पेशंट को जल्द आराम मिल जाता है।




जिसे आज के ज़माने में कपिंग थेरेपी कहते है ! कपिंग की मदद से कई स्वास्थ्य समस्याओं से निजात पाई जा सकती है जैसे , सर दर्द , पेट दर्द , साइन का दर्द . कमर का दर्द तनाव से मुक्ति आदि का इलाज करने का एक बहुत ही अच्छा तरीका है!हिजामा थेरेपी प्राकृतिक चिकित्सा की सबसे पुरानी पद्घति है।
कपिंग थेरेपी के उपयोग का एक प्रमुख कारण यह है कि यह दर्द से आराम दिलाता है। कपिंग वास्तव में सॉफ्ट टिशू को लक्ष्य बनाता है तथा सूजन और दर्द वाले स्थान पर दबाव डालता है। इससे रक्त प्रवाह बढ़ता है और टिशू को ऑक्सीजन और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व मिलते हैं। यह शरीर में गहराई तक टिशू को आराम पहुंचाता है, और अक्सर आमवात और माइग्रेन के कारण पीठ और गर्दन में होने वाली अकडन से आराम दिलाता है।



Saturday, 9 September 2017

गोरखपुर सोनौली हाईवे पर कार और टैंकर की जोरदार टक्कर 8 लोगो की मौत

गोरखपुर सोनौली हाईवे पर कार और टैंकर की जोरदार टक्कर 8 लोगो की मौत 



गोरखपुर से सोनौली जा रही कार और टैंकर की आमने सामने से जबरदस्त टक्कर हो गयी ! जिसमे ड्राइवर समेत 8  लोगो की मौके पर ही मौत हो गयी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी की कार के परखच्चे उड़ गए! कार में सवार लोगो के किसी के हाथ ,किसी के  सर, पैर कट कर दू जा गिरे ! बताया जाता है कि खलासी टैंकर चला रहा था और नशे में था ! हादसे के बाद टैंकर चालक फरार हो गया , लेकिन शाम को पुलिस ने देवपुर गांव से अरेस्ट कार उसे जेल भेज दिया !


Monday, 21 August 2017

महाराज गंज में भीसड़ बाढ़ का कहर , जान हथेली पर रख कर यात्रा कर रहे लोग ! देखे वीडियो

महाराज गंज में भीसड़ बाढ़ का कहर , जान हथेली पर रख कर यात्रा कर रहे लोग ! देखे वीडियो

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पीठ दर्द की समस्याओ के लिए भारतीय वैध का एक नया और चमत्कारिक इलाज . देखे वीडियो

पीठ दर्द की समस्याओ के लिए भारतीय वैध का एक नया और चमत्कारिक इलाज . देखे वीडियो

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Monday, 7 August 2017

नेपाल में स्वाइन फ्लू ने की एंट्री !

भारत से सटे नेपाल के जिलों में स्वाइन फ्लू ने अपना प्रकोप फैकना शुरू कर दिया है ! पोखरा , पाल्पा जिलों में
स्वयंव फ्लू तेज़ी से फ़ैल रहा है.जिसके कारण पोखरा और पाल्पा में ४ लोगो की मौत हो गयी और दर्जनों लोग इससे पीड़ित है ! नेपाली प्रशासन ने अपने लोगो को अलर्ट कर दिया है और लोगो में दवाइया और मास्क बाटना शुरू कर दिया है ! भारत नेपाल सीमा से लग भग हजारो की संख्या में लोग आते जाते रहते है जिससे भारत में भी स्वाइन फ्लू फैलने की आशंका को इंकार नहीं किया जा सकता है ! जबकि भारतीय स्वास्थ्य विभाग की तरह से बॉर्डर पर अब तक कोई उचित वयस्था नहीं की गयी है !

क्या है स्वाइन फ्लू ?
डाक्टरों का कहना है की स्वाइन फ्लू फैलने रेस्पेटरी डिजीज है जो वायरस के टाइप ए स्ट्र्रेन से होता है ! यह वायरस शरीर में गंदे सांस लेने और गंदे हाथ आंख , मुँह , नाक पर, लगाने से हो सकता है.

ऐसे बचे स्वाइन फ्लू से !
भीड़ भाड़ वाली जगह जाने से सौफं रहे और मास्क पहन कर बहार निकले ! बुखार या सर्दी जुकाम होने पर डाक्टर की सलाह ले ! खाने पिने से पहले हैंडवाश करे अपने आस पास साफ सफाई रक्खे !

Sunday, 6 August 2017

भारत में खेल , एक संघर्ष.. क्यों ?

भारत में खेल , एक संघर्ष.. क्यों ?

क्योकि भारत में खेल एक बिज़नेस बन चूका है और यहाँ पर केवल एक ही तरह के खेल को ज़्यादा महत्व दिया जाता है ! वो है क्रिकेट ! अब इस समय क्रिकेट के एलावा किसी और खेल को प्रोत्साहित करने की कोशिस नहीं की जाती है! पहले क्रिकेट सिर्फ दो तरीके से खेला जाता था टेस्ट एंड डे नाईट का मैच , लेकिन अब क्रिकेट अब केवल बिज़नेस के लिए खेला जाता है जिसमे बड़ी बड़ी कम्पनिया अपना पैसा लगाती है और खिलाड़ियों की बोली लगाती
एक तरीके से देखा जाये तो इंडिया से लगभग क्रिकेट को छोड़ कर हर खेल लगभग विलुप्त होते जा रहे या उन खेलो का महत्त्व काम होता जा रहा है ! इसका एक मेन कारण है बाकी खेलो को प्रोत्साहित न करना !
भारत की पूर्व एथलीट अश्विनी नाचप्पा ने कहा कि, भारत में खेल को कैरियर विकल्प के रूप में बढ़ावा नहीं दिया जा रहा है, इसलिए खिलाड़ियों का खेल से मोभन हो रहा !उन्होंने कहा, "देश के लिए पदक पाने के लिए कई वर्षों तक खेल लोग संघर्ष करते हैं, लेकिन एक बार जब वे रिटायर होते हैं, तो उन्हें नौकरी नहीं मिलती है।"
अगर भर्ती सरकार क्रिकेट साथ साथ अन्य खेलो के कहिकादियो को भी प्रोत्साहित करे तो तो फिर इंडिया को खेलो को कभी संघर्ष न करना पड़े !

मुसलमानो को बदनाम करने की एक और तरीका आरएसएस ने निकल लिया है. लिंक पर क्लिक करे और गौर से देखिये इस वीडियो को ,

मुसलमानो को बदनाम करने की एक और तरीका आरएसएस ने निकल लिया है. लिंक पर क्लिक करे और गौर से देखिये इस वीडियो को , इसमें जो आदमी है वह आरएसएस का एजेंट है और मुस्लिम का हुलिया बना कर वारदात को अंजाम देते है और बदनाम मुस्लिम को करते है और यह लोग फ़र्ज़ी मदरसों की रसीद छपवाकर चंदा भी करते है . इसके आधार कार्ड से पता चला है की इसका असली नाम प्रकाश है और यह बाराबंकी नवाबगंज का रहने वाला है  ! इसका असली सच इसी के मुँह से सुनिए ! 
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Thursday, 27 July 2017

ख़ास नज़र : बॉलीवुड के वह स्टार जो किसी न किसी अपराध में जेल ज...

ख़ास नज़र : बॉलीवुड के वह स्टार जो किसी न किसी अपराध में जेल ज...: बॉलीवुड के वह स्टार जो किसी न किसी अपराध में जेल जा चुके है !! बॉलीवुड में ऐसे कई बड़े स्टार हैं जो किसी न किसी अपराध की वजह जेल जा चुके ...

Saturday, 22 July 2017

बॉलीवुड के वह स्टार जो किसी न किसी अपराध में जेल जा चुके है !!

बॉलीवुड के वह स्टार जो किसी न किसी अपराध में जेल जा चुके है !!
बॉलीवुड में ऐसे कई बड़े स्टार हैं जो किसी न किसी अपराध की वजह जेल जा चुके हैं. ऐसे ही कुछ स्टार्स के बारे में हम आपको बता रहे हैं
संजय दत्त
संजय दत्त को साल 1993 के मुंबई हमलों के दौरान गैर कानूनी ढंग से हथियार रखने के जुर्म में दोषी पाया गया था. वे स जुर्म में दोषी साबित हुए थे और इसलिए साल 2006 में उन्हें दोषी करार दिया गया था.
अभिनेता संजय ने 18 महीने जेल में गुजारे और फिर जमानत पर बाहर आए. मार्च 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने संजय दत्त की सजा को जारी रखा लेकिन उनकी छह साल की सजा को घटा कर पांच साल कर दिया.
सैफ अली खान
सुपरस्टार सैफ अली खान भी साल 2012 में जेल की हवा खा चुके हैं. सैफ ने मुंबई के एक होटल में खाना खाने पहुंचे एक एनआरआई को घूंसा मारा. पीड़ित की नाक तक टूट गई थी. पीड़ित के मुताबिक उन्होंने सैफ से धीमी आवाज में बात करने को कहा था, जिस पर सैफ अली खान ने उसकी नाक पर घूंसा मार दिया.
शाइनी आहूजा
शाइनी आहूजा को साल 2011 में अपने घर में काम करने वाली महिला के बलात्कार के आरोप में 27 दिनों तक जेल में रहना पड़ा. इसके बाद वह जमानत पर बाहर आए. बाद में महिला ने मामला वापस ले लिया लेकिन इस बात का शाइनी के करियर पर काफी प्रभाव पड़ा.

फरदीन खान फरदीन खान भी जेल की हवा खा चुके हैं. साल 2001 में उन्हें कोकेन रखने के मामले में गिरफ्तार किया गया. फरदीन के पुनर्सुधार कार्यक्रम के लिए तैयार हो जाने पर अदालती कार्रवाई बंद हो गई.


मधुर भंडारकर

डायरेक्टर मधुर भंडारकर महिलाओं पर आधारित चांदनी बार, सत्ता, पेज 3 और फैशन जैसी फिल्में बना चुके हैं. मधुर भंडारकर पर अभिनेत्री बनने की इच्छुक एक लड़की ने बलात्कार का आरोप लगाया इसी वजह से उन्हें जेल भी जाना पड़ा लेकिन सबूतों के अभाव में भंडारकर को बरी कर दिया गया.

Thursday, 20 July 2017

नौकरी या बिज़नेस ??

नौकरी या बिज़नेस ??
एक बडी कंपनी के गेट के सामने एक प्रसिद्ध समोसे की दुकान थी, लंच टाइम मे अक्सर कंपनी के कर्मचारी वहाँ आकर समोसे खाया करते थे।
एक दिन कंपनी के एक मैनेजर समोसे खाते खाते समोसेवाले से मजाक के मूड मे आ गये।
मैनेजर साहब ने समोसेवाले से कहा, "यार गोपाल, तुम्हारी दुकान तुमने बहुत अच्छे से maintain की है, लेकीन क्या तुम्हे नही लगता के तुम अपना समय और टैलेंट समोसे बेचकर बर्बाद कर रहे हो.? सोचो अगर तुम मेरी तरह इस कंपनी मे काम कर रहे होते तो आज कहा होते.. हो सकता है शायद तुम भी आज मैंनेजर होते मेरी तरह.."
इस बात पर समोसेवाले गोपाल ने बडा सोचा, और बोला, " सर ये मेरा काम अापके काम से कही बेहतर है, 10 साल पहले जब मै टोकरी मे समोसे बेचता था तभी आपकी जाॅब लगी थी, तब मै महीना हजार रुपये कमाता था और आपकी पगार थी १० हजार।
इन 10 सालो मे हम दोनो ने खूब मेहनत की..
आप सुपरवाइजर से मॅनेजर बन गये.
और मै टोकरी से इस प्रसिद्ध दुकान तक पहुँच गया.
आज आप महीना ५०,००० कमाते है
और मै महीना २,००,०००
लेकिन इस बात के लिए मै मेरे काम को आपके काम से बेहतर नही कह रहा हूँ।
ये तो मै बच्चों के कारण कह रहा हूँ।
जरा सोचिए सर मैने तो बहुत कम कमाई पर धंधा शुरू किया था, मगर मेरे बेटे को यह सब नही झेलना पडेगा।
मेरी दुकान मेरे बेटे को मिलेगी, मैने जिंदगी मे जो मेहनत की है, वो उसका लाभ मेरे बच्चे उठाएंगे। जबकी आपकी जिंदगी भर की मेहनत का लाभ आपके मालिक के बच्चे उठाएंगे।
अब आपके बेटे को आप डाइरेक्टली अपनी पोस्ट पर तो नही बिठा सकते ना.. उसे भी आपकी ही तरह जीरो से शुरूआत करनी पडेगी.. और अपने कार्यकाल के अंत मे वही पहुच जाएगा जहाँ अभी आप हो।
जबकी मेरा बेटा बिजनेस को यहा से और आगे ले जाएगा..
और अपने कार्यकाल मे हम सबसे बहुत आगे निकल जाएगा..
अब आप ही बताइये किसका समय और टैलेंट बर्बाद हो रहा है ?"
मैनेजर साहब ने समोसेवाले को २ समोसे के २० रुपये दिये और बिना कुछ बोले वहाँ से खिसक लिये

Saturday, 15 July 2017

इसी तरह हिजाब वाली से कोई बदतमीजी होती है तो ईसाई और यहूदी औरतें

आमतौर पर हर इस्लामी स्कॉलर या मुक़र्रिर अपने खिताब में एक बात जरूर कहता है कि मुसलमानो के सबसे बड़े दुश्मन यहूद और नसारा हैं और इस्लामी दुनिया के खिलाफ इन्होंने एक लंबा रक्त रंजित युद्ध लड़ा था जिसे ये क्रूसेड कहते हैं।

दूसरी तरफ हमारा प्यारा भारतवर्ष है , जिसके निवासियों याने हिंदुओं के साथ यहां के मुसलमानो का रक्त सम्बन्ध है ।यहां के अधिकतर मुसलमानों के पूर्वज हिन्दू ही थे और यहां के हिंदुओं को उदार और सहिष्णु कहा जाता है।।।
आइये ज़रा देखें कि ईसाई देशों और भारत देश मे क्या क्या भिन्नताएं हैं।

अमेरिका में जब मुसलमानों के खिलाफ जब हेट स्पीच आती है तो हज़ारो ईसाई परिवार अपने घर के बाहर लिख देते है कि 'मैं मुस्लिम हूँ।'
इसी तरह हिजाब वाली से कोई बदतमीजी होती है तो ईसाई और यहूदी औरतें मुसलमान औरतों के साथ हिजाब पहनकर प्रदर्शन करती है।।।
इसी तरह ब्रिटेन में मस्जिद के बाहर एक ईसाई शख्स मुसलमानों पर गाड़ी चढ़ा देता है, फिर उसी मस्जिद का इमाम उसे बचाता है।अगले ही दिन ईसाई भी मुसलमानों के सपोर्ट में सड़क पर दिखाई देते है। इस तरह की चीजें पश्चिम में आमतौर पर दिख जाती है।उन देशों में , जिन्हें इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है।।।नीदरलैंड और फ्रांस के चुनावों में आपने देखा होगा कि जनता ने उन कट्टरपंथी नेताओ को धूल चटा दी जिन्होंने चुनाव जीतने पर मस्जिदों को बंद करा देने की घोषणा की थी , और जनता ने मेंक्रो जैसे उदारवादी को सत्ता सौंप दी ///
पर हमारे उदार और सहिष्णु देश मे विडम्बना यह है कि हिन्दू समाज अपने कट्टरपंथियों का विरोध करना तो दूर , उल्टे उनको अपना मसीहा और हृदय सम्राट बना लेता है और चुनाव में उनको भारी बहुमत से जिता कर उनको सत्ता सौंप देता है।कल ही एक नेता ने बयान दिया है कि अमरनाथ हमले के विरोध में हजयात्रियों पर हमले किये जाएंगे। कोई साध्वी कहती है कि भारत को मुस्लिम मुक्त किया जाएगा। लोग सड़कों पर निर्दोष मुस्लिमों को मार रहे हैं और शेष हिन्दू जनता या तो वीडियो बना रही है या इस कांड को मौन समर्थन दे रही है///
.
अब आप बताइए कि पश्चिम के ईसाई बहुसंख्यक समाज और भारत के हिन्दू समाज मे कितना बड़ा अंतर है ///
महान भारत के लिए सामजिक सदभाव सबसे ज्यादा जरूरी है जो खत्म होता जा रहा है।तो क्या अब यह मान लिया जाए कि जहां एक ओर यहूदो नसारा ने मुसलमानो से अपनी दुश्मनी को भुला दिया है और एक नया , सभ्य, प्रगतिशील राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है
, वहीं दूसरी ओर भारत के उदार और सहिष्णु कहे जाने वाले हिन्दू समाज ने मुसलमानो से अपने बरसों पुराने रक्त-सम्बन्धों को भुला दिया है और देश मे ऐसी स्थिति के निर्माण में मदद कर रहा है जो अंततः इस महान देश को गृहयुद्ध की राह पर ले जाने वाला है ???
मोहम्मद आरिफ दगिया
14/07/2017

Tuesday, 23 May 2017

मिस्र के पिरामिड रोचक तथ्य

मिस्र के पिरामिड वहां के तत्कालीन फैरो (सम्राट) गणों के लिए बनाए गए स्मारक स्थल हैं, जिनमें राजाओं के शवों को दफनाकर सुरक्षित रखा गया है। इन शवों को ममी कहा जाता है। उनके शवों के साथ खाद्यान, पेय पदार्थ, वस्त्र, गहनें, बर्तन, वाद्य यंत्र, हथियार, जानवर एवं कभी-कभी तो सेवक सेविकाओं को भी दफना दिया जाता था।
भारत की तरह ही  की सभ्यता भी बहुत पुरानी है और प्राचीन सभ्यता के अवशेष वहाँ की गौरव गाथा कहते हैं। यों तो मिस्र में १३८ पिरामिड हैं और  के उपनगर में तीन लेकिन सामान्य विश्वास के विपरीत सिर्फ गिजा का ‘ग्रेट पिरामिड’ ही प्राचीन विश्व के सात अजूबों की सूची में है। दुनिया के सात प्राचीन आश्चर्यों में शेष यही एकमात्र ऐसा स्मारक है जिसे काल प्रवाह भी खत्म नहीं कर सका।
यह पिरामिड ४५० फुट ऊंचा है। ४३ सदियों तक यह दुनिया की सबसे ऊंची संरचना रहा। में ही इसकी ऊंचाई का कीर्तिमान टूटा। इसका आधार १३ एकड़ में फैला है जो करीब १६ फुटबॉल मैदानों जितना है। यह २५ लाख चूनापत्थरों के खंडों से निर्मित है जिनमें से हर एक का वजन २ से ३० टनों के बीच है। ग्रेट पिरामिड को इतनी परिशुद्धता से बनाया गया है कि वर्तमान तकनीक ऐसी कृति को दोहरा नहीं सकती। कुछ साल पहले तक से माप-जोख का उपकरण ईजाद होने तक) वैज्ञानिक इसकी सूक्ष्म सममिति (सिमट्रीज) का पता नहीं लगा पाये थे, प्रतिरूप बनाने की तो बात ही दूर! प्रमाण बताते हैं कि इसका निर्माण करीब २५६० वर्ष ईसा पूर्व मिस्र के शासक खुफु के चौथे वंश द्वारा अपनी कब्र के तौर पर कराया गया था। इसे बनाने में करीब २३ साल लगे।

म्रिस के इस महान पिरामिड को लेकर अक्सर सवाल उठाये जाते रहे हैं कि बिना मशीनों के, बिना आधुनिक औजारों के मिस्रवासियों ने कैसे विशाल पाषाणखंडों को ४५० फीट ऊंचे पहुंचाया और इस बृहत परियोजना को महज २३ वर्षों मे पूरा किया? पिरामिड मर्मज्ञ इवान हैडिंगटन ने गणना कर हिसाब लगाया कि यदि ऐसा हुआ तो इसके लिए दर्जनों श्रमिकों को साल के ३६५ दिनों में हर दिन १० घंटे के काम के दौरान हर दूसरे मिनट में एक प्रस्तर खंड को रखना होगा। क्या ऐसा संभव था? विशाल श्रमशक्ति के अलावा क्या प्राचीन मिस्रवासियों को सूक्ष्म गणितीय और खगोलीय ज्ञान रहा होगा? विशेषज्ञों के मुताबिक पिरामिड के बाहर पाषाण खंडों को इतनी कुशलता से तराशा और फिट किया गया है कि जोड़ों में एक ब्लेड भी नहीं घुसायी जा सकती। मिस्र के पिरामिडों के निर्माण में कई खगोलीय आधार भी पाये गये हैं, जैसे कि तीनों पिरामिड आ॓रियन राशि के तीन तारों की सीध में हैं। वर्षों से वैज्ञानिक इन पिरामिडों का रहस्य जानने के प्रयत्नों में लगे हैं किंतु अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।

रोचक तथ्य

  • ग्रेट पिरामिड एक पाषाण-कंप्यूटर जैसा है। यदि इसके किनारों की लंबाई, ऊंचाई और कोणों को नापा जाय तो पृथ्वी से संबंधित भिन्न-भिन्न चीजों की सटीक गणना की जा सकती है।
  • ग्रेट पिरामिड में पत्थरों का प्रयोग इस प्रकार किया गया है कि इसके भीतर का तापमान हमेशा स्थिर और पृथ्वी के औसत तापमान २० डिग्री सेल्सियस के बराबर रहता है। यदि इसके पत्थरों को ३० सेंटीमीटर मोटे टुकड़ों मे काट दिया जाए तो इनसे फ्रांस के चारों आ॓र एक मीटर ऊंची दीवार बन सकती है।
  • पिरामिड में नींव के चारों कोने के पत्थरों में बॉल और सॉकेट बनाये गये हैं ताकि ऊष्मा से होने वाले प्रसार और भूंकप से सुरक्षित रहे।
  • मिस्रवासी पिरामिड का इस्तेमाल वेधशाला, कैलेंडर, सनडायल और सूर्य की परिक्रमा में पृथ्वी की गति तथा प्रकाश के वेग को जानने के लिए करते थे।
  • पिरामिड को गणित की जन्मकुंडली भी कहा जाता है जिससे भविष्य की गणना की जा सकती है।
  • कुछ लोग पिरामिडों में स्थित जादुई असर की बात भी करते हैं जो मानव स्वास्थ्य पर शुभ प्रभाव डालता है।[2]

Tuesday, 2 May 2017

लाइक प्लैनेट्स से ऑनलाइन पैसा कमाने का आसान तरीका !

Hi..फ्रेंड्स  आप  सब   को  पता  है  की  पैसा  हमारे  ज़िन्दगी  में  कितना  इम्पोर्टेंस  रखता  है  .हर  कोई  पैसा  कामना  चाहता   है ..इंटरनेट से पैसा   1 बहुत  अच्छा  माध्यम  है  पैसे  कमाने  के  लिए .. आप  हम  जानेगे  की  लिकस्प्लैनेट  से  पैसे  कैसे  कमाए .www.likeplanats.com
आप  लिखे प्लैनेट्स   के  साथ  अपनी  फेसबुक  पेज  ऐड  कर   सकते  हो .यूट्यूब  चैनल से   ऐड  कर  सकते  हो
इससे आप पॉइंट कमा सकते हो इसके साथ साथ शेयर लाइक्स और कमेंट पर भी पॉइंट मिलता ५००० पॉइंट का 1 डॉलर होता है ! २ डॉलर होने पर आप पयज़ा और पयपाल के जरिये पैसा निकल सकते हो ! उसके बाद आप अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर भी कर सकते है.

Wednesday, 19 April 2017

सऊदी अरब अपने देश से बाहर निकालेगा 10 लाख प्रवासी

सऊदी अरब अपने देश से बाहर निकालेगा 10 लाख प्रवासी
रियाध: www.worldnewsarabia.com  जनरल डायरेक्टर ऑफ़ पासपोर्ट और श्रम एवं सामाजिक विकास मंत्रालय के अनुसार, अवैध रूप से सऊदी अरब में रह रहे प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने के अभियान के नतीजे बहुत सकारात्मक देखने को मिल रहे हैं. इस अभियान के ख़त्म होने में में अभी 70 दिन बाकी हैं.
इस अभियान के ज़रिये सऊदी अरब प्रशासन वहां रह रहे प्रवासी, जिनके वीज़ा की अवधि ख़त्म हो चुकी है, को बिना किसी जुर्माने या सजा के वापस उनके देश भेज रहा है. इन प्रवासियों को एग्जिट फिंगरप्रिंट के नियम से भी छूट दी गयी है. इससे उन्हें बाद में कानूनी तौर पर सऊदी अरब में दोबारा प्रवेश करने या वापस आने में भी मदद मिलेगी.
इस अभियान ए नेशन विदाउट वॉयलेटर्ससे 19 सरकारी संस्थाएं जुड़ी हुई हैं. ये संस्थाएं कम से कम 1 मिलियन यानि 10 लाख लोगों को इन तीन महीनों के भीतर देश छोड़ने में मदद करेंगी. ये लोग अवैध प्रवासी की श्रेणी में आते हैं. 4 साल पहले शुरू किये गए इस अभियान ने 5.5 मिलियन यानि 55 लाख अवैध प्रवासियों की देश छोड़ने में मदद की है.
जनरल डायरेक्टरेट ऑफ़ पासपोर्ट ने अपने ट्विटर अकाउंट के ज़रिये उर्दू, अंग्रेजी, इन्डोनेशियन, अरबी और अन्य भाषाओँ में ट्वीट करके बताया कि 29 मार्च को शुरू किये गए इस अभियान का लाभ कैसे उठाएं.
इस अभियान में लाखों की संख्या में लोग पहुंचे हैं, तकरीबन 13 प्रान्तों में 80 स्थानों पर 13 मामले प्रतिदिन के हिसाब से आ रहे हैं. रियाध में 10, कुँसिमोड़ो में 7, मक्का में 12, अल-बाब में 2, असीर में 3, मदीना और उत्तरी सीमावर्ती इलाके में 4-4, जजान में 2, हेल में 3, नजरान में 5, अल-जौदेह में 4, ताबुक में 6 और पूर्वी प्रांत में 16 स्थान बनाये गए हैं जहाँ ऐसे प्रवासी संपर्क कर सकते हैं.
आंतरिक प्रवक्ता मेजर जनरल मंसूर अल-टर्की ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के साथ संयुक्त निरीक्षण के माध्यम से अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियां ​​एक साथ काम कर रही हैं. कसीम में श्रम और सामाजिक विकास मंत्रालय की शाखा के जनरल डायरेक्टर तुर्की अल-माने ने कहा कि अभियान के ज़रिये कम से कम 10 लाख उल्लंघनकर्ता देश से बाहर भेजे जायेंगे.
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में यह अपने राज्य का दूसरा अभियान है. इसी अभियान को पहली बार 2013 में ऐसे अवैध निवासियों के लिए अलग-अलग नौकरियों में काम करने वाले एक्सपेट्स को लक्षित करके लॉन्च किया गया था, जिनके वीज़ा की या वर्क परमिट की अवधि ख़त्म हो गयी थी. उस समय करीब 30 लाख अवैध प्रवासियों को बाहर भेजा गया था.
उन्होंने कहा कि ये अभियान कंपनियों और प्रतिष्ठानों की अर्थव्यवस्थाओं को पुनर्जीवित करेगा और छोटे व्यवसायों और परियोजनाओं की गैरकानूनी व्यापारियों से रक्षा करेगा, साथ ही बेरोजगारी की दरें भी कम होंगी और एक सुरक्षित आर्थिक और सामाजिक वातावरण बनायेगा.
एआर रस्स के पासपोर्ट के महानिदेशक मोहम्मद अल-सईघ ने रविवार को कहा कि यह छूट तीन महीने की अनुग्रह अवधि के दौरान जुर्माना और अन्य दंड पर लागू होती है, साथ ही निर्वासित उल्लंघनकर्ताओं को उंगलियों के निशान के नियम से भी छूट मिलती है. उन्होंने कहा कि बहुत से ऐसे प्रवासी इस नियम के चलते सरलता से देश छोड़ गए हैं.
सार्वजनिक सुरक्षा के समन्वय में श्रम मंत्रालय ने हाल ही में सऊदी बाज़ार में भर्ती कंपनियों के साथ अभियान में उनकी भूमिकाओं पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित की. मंत्रालय के उप निदेशक अदनान अल-नैम ने कहा कि सऊदी बाज़ार में भर्ती कंपनियों ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. ऐसी 30 कंपनियां हैं और पूरे राज्य में 440 कार्यालय हैं. इन कंपनियों का 70 प्रतिशत राष्ट्रीयकरण दर और उल्लंघन की बहुत कम दर है.
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन नाइएफ ने उल्लंघनकर्ताओं से आग्रह किया कि उन्हें आवंटित अनुग्रह अवधि के दौरान मिले अवसर का लाभ उठाएं, और सभी इस अभियान के लक्ष्य को हासिल करने में सहयोग करें.
उन्होंने इस अवधि के दौरान उल्लंघनकर्ताओं के अपने देश वापस लौटने की सुविधा प्रदान करने और उनके जाने को सरल बनाने और जुर्माने से छूट दिए जाने का निर्देश दिया.

http://www.worldnewsarabia.com/arab-news/saudi-arabia-will-expel-10-million-people-from-their-home-country-12161/

Sunday, 9 April 2017

दाऊद इब्राहिम जुर्म के दुनिया का सबसे बड़ा नाम

दाऊद इब्राहिम का जन्म 27 दिसंबर 1955 को महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में हुआ था। दाऊद ने स्कूल स्तर पर ही पढ़ाई छोड़ दी थी। अपने शौक और बुरी आदतों के लिए दाऊद ने बचपन में ही ड्रग्स स्पलाई, चोरी, डकैती, लूटपाट इत्यािदी करना शुरु कर दिया। दाऊद के पिता पुलिस में थे लेकिन बेटे ने पैसा कमाने के लिए शॉर्टकट चुना और उसी रास्ते पर आगे चलकर वह बन गया भारत का सबसे बड़ा क्रिमिनल। दाऊद ने अपने आपराधिक करियर की शुरुआत करीम लाला के गैंग से की थी जो उस वक्त मुंबई का जाना माना अपराधी हुआ करता था। 1980 के दशक में दाऊद का नाम मुंबई अपराध जगत में तेजी से उभरा और उसकी पहुंच बॉलीवुड से फिल्म जगत से लेकर सट्टे की दुनिया तक पहुंच गई। अंडरवर्ल्डु डॉन दाऊद इब्राहिम ने 1986 में टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में आया था और पाकिस्तान को बुरी तरह हराने पर सभी खिलाडि़यों को गाड़ी देने का ऑफर किया था। लेकिन कपिल देव ने उन्हें डाॅटकर भगा दिया। दाऊद इब्राहिम सेंट्रल बैंक द्वारा दिए गए डॉलर में लोन को नहीं चुका पाया था, जिसके कारण बैंक ने उसका नाम डिफॉल्टरर की लिस्ट में डाल दिया। दाऊद के बारे में एक रोचक तथ्य यह भी है कि वो क्रिकेट मैच में भारत की हार पर वह रो पड़ता था। दाऊद के साथ हमेशा 1 डाॅक्टर और 2 नर्से रहती है। पाकिस्तान के क्रिकेटर जावेद मियांदाद के बेटे के साथ दाऊद की बेटी माहरुख की शादी हुई थी। इस शादी के बाद जावेद के भारत आने पर प्रतिबंध लग गया। दाऊद बाॅलीवुड की कुंवारी लड़कियो के साथ मनोरंजन करना पसंद करता है वह इसके लिए 5 लाख तक खर्च कर सकता है। कहा जाता है कि कई डायरेक्टर्स को तो दाऊद ने खुद अपने ऊपर फिल्म बनाने को कहा था। दाऊद के जीवन पर अब तक डी, डी-डे, वंस अपोन एक टाइम इन मुंबई, शूटआउट इन लोखंडवाला और ब्लैक फ्राइडे जैसी फिल्में बन चुकी है। . अगर कोई दाऊद से पैसे मांगता है तो वो यह नहीं पूछता की क्योंे और कितना चाहिए। वह हमेशा ही इस मामले में नि:स्वाोर्थ रहता है। दाऊद का सपना है कि वह भारत में आकर “राजनीति” करें और हथियारो के दम पर सभी तरह के बिल पास हो। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार दाऊद के पास इस वक्त 7 बिलियन डॉलर यानी तकरीबन 35 हजार करोड़ की संपत्ति है। अब तक जुर्म के पेशे में रहकर किसी शख्स ने इतनी दौलत नहीं बनाई है।

महराजगंज के कोल्हुई में आग का कहर , 100 एकड़ फसल जल कर ख़ाक

महराजगंज के कोल्हुई में आग का कहर , 100 एकड़ फसल जल कर ख़ाक ग्राम सभा सोनपिपरी और परमेशरापुर के सीवान में गेहूं की फसलों में अचानक आग लगने से तमाम किसानों की 100 एकड़ अधिक फसलें जलकर राख हो गई।ग्राम सभा सोनपिपरी और परमेशरापुर ग्राम सभा के सीवान में खेतों में गेहूं की फसल में शनिवार को दिन के करीब 3 बजे अचानक आग लग गई। पछुआ हवाओं ने कहर से भीषण आग तेजी के साथ आगे बढ़ती ही गई।दो घंटे के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। बार बार सूचना के बाद भी दमकल आग बुझने के बाद पहुंचा। जिसपर किसानों का गुस्सा फूट गया। और लोग दमकल पर ईंट पत्थर आदि बरसाने लगे।चालक को गंभीर चोटें भी आ गई!सोनपीपरी व परमेसरापुर के सैकड़ो किसानों के सैकड़ों एकड़ फसलें जलकर राख हो गई।

Thursday, 6 April 2017

८० साल की जैबुन्निसा को दे दिया तलाक़ ! मुस्लिमो में अशिक्षा होने के कारण आ रहा ऐसा मामला !


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रमजान का महीना आने के करण पहलु खान ने दुधारू गाय खरीदी थी! लेकिन गौरक्षको ने पीट पीट कर उनकी हत्या कर दी ! उनके पास गाय खरीदने का सभी जरूरी दस्तावेज भी थे! मुस्लिम होने के कारण पहलु खान को निसान बनाया गाय ! और ड्राइवर अर्जुन जो हिन्दू धर्म का था उसे सुरक्षित जाने दिया गया ! अब पता नहीं सरकार इन गौरक्षक हत्यारो को क्या सजा देगी.

रमजान का महीना आने के करण पहलु खान ने दुधारू गाय खरीदी थी! लेकिन गौरक्षको ने पीट पीट कर उनकी हत्या कर दी ! उनके पास गाय खरीदने का सभी जरूरी दस्तावेज भी थे! मुस्लिम होने के कारण पहलु खान को निसान बनाया गाय ! और ड्राइवर अर्जुन जो हिन्दू धर्म का था  उसे सुरक्षित जाने दिया गया ! अब पता नहीं सरकार इन गौरक्षक हत्यारो को क्या सजा देगी.

Wednesday, 5 April 2017

डॉ. ऐ॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम का वैज्ञानिक जीवन और उनका सम्मान:-

डॉ. ऐ॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम का वैज्ञानिक जीवन और उनका सम्मान:-
1962 में वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन से जुड़े। अब्दुल कलाम को परियोजना महानिदेशक के रूप में भारत का पहला 

स्वदेशी उपग्रह (एस.एल.वी. तृतीय) प्रक्षेपास्त्र बनाने का श्रेय हासिल हुआ। 1980 में इन्होंने रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा 

के निकट स्थापित किया था। इस प्रकार भारत भी अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष क्लब का सदस्य बन गया। इसरो लॉन्च व्हीकल प्रोग्राम

 को परवान चढ़ाने का श्रेय भी इन्हें प्रदान किया जाता है। कलाम ने स्वदेशी लक्ष्य भेदी नियंत्रित प्रक्षेपास्त्र (गाइडेड मिसाइल्स)

 को डिजाइन किया। इन्होंने अग्नि एवं पृथ्वी जैसे प्रक्षेपास्त्रों को स्वदेशी तकनीक से बनाया था। कलाम जुलाई 1992 से दिसम्बर 

1999 तक रक्षा मंत्री के विज्ञान सलाहकार तथा सुरक्षा शोध और विकास विभाग के सचिव थे। उन्होंने रणनीतिक प्रक्षेपास्त्र प्रणाली का उपयोग आग्नेयास्त्रों के रूप में किया। इसी प्रकार पोखरण में दूसरी बार परमाणु परीक्षण भी परमाणु ऊर्जा के साथ 

मिलाकर किया। इस तरह भारत ने परमाणु हथियार के निर्माण की क्षमता प्राप्त करने में सफलता अर्जित की। कलाम ने भारत

 के विकासस्तर को 2020 तक विज्ञान के क्षेत्र में अत्याधुनिक करने के लिए एक विशिष्ट सोच प्रदान की। यह भारत सरकार के

 मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे। 1982 में वे भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान में वापस निदेशक के तौर पर आये

 और उन्होंने अपना सारा ध्यान "गाइडेड मिसाइल" के विकास पर केन्द्रित किया। अग्नि मिसाइल और पृथवी मिसाइल का सफल

 परीक्षण का श्रेय काफी कुछ उन्हीं को है। जुलाई 1992 में वे भारतीय रक्षा मंत्रालय में वैज्ञानिक सलाहकार नियुक्त हुये। उनकी 

देखरेख में भारत ने 1998 में पोखरण में अपना दूसरा सफल परमाणु परीक्षण किया और परमाणु शक्ति से संपन्न राष्ट्रों की सूची में शामिल हुआ।
सम्मान का वर्ष
सम्मान/पुरस्कार का नाम
प्रदाता संस्था
2014
2012
डॉक्टर ऑफ़ लॉज़ (मानद उपाधि)
2011
आइ॰ई॰ई॰ई॰ मानद सदस्यता
आइ॰ई॰ई॰ई॰
2010
2009
2009
ए॰एस॰एम॰ई॰ फाउण्डेशन, (सं॰रा॰अमे॰)
2009
वॉन कार्मन विंग्स अन्तर्राष्ट्रीय अवार्ड
2008
डॉक्टर ऑफ इन्जीनियरिंग (मानद उपाधि)
2008
डॉक्टर ऑफ साइन्स (मानद उपाधि)
2007
डॉक्टर ऑफ साइन्स एण्ड टेक्नोलॉजी की मानद उपाधि
2007
किंग चार्ल्स II मेडल
रॉयल सोसायटी, यूनाइटेड किंगडम
2007
डॉक्टर ऑफ साइन्स की मानद उपाधि
2000
अल्वार्स शोध संस्थान, चेन्नई
1998
1997
1997
भारत सरकार
1994
विशिष्ट शोधार्थी
1990
भारत सरकार
1981
भारत सरकार


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