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Wednesday, 20 July 2016

कश्मीर में पेलेट गन्स प्रदर्शनकारियो के साथ साथ इंसानियत को भी कर रही घायल

कश्मीर में पेलेट गन्स प्रदर्शनकारियो के साथ साथ इंसानियत को भी कर रही घायल

 हिजबुल आतंकी बुरहान वाणी की मौत के बाद कश्मीर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे है. प्रदर्शनकारी सुरक्षाबलों पर पथराव कर रहे है, थानों को जला रहे है. कश्मीर में यह सिलसिला पिछले एक हफ्ते से जारी है. प्रदर्शन में हुई हिंसा में अब तक 36 लोग मारे जा चुके है वही 1500 लोग घायल है. बुरहान वाणी के बाद घाटी में जिस चीज की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है वो है पेलेट गन्स.
कश्मीर में हो रहे प्रदर्शन को रोकने के लिए सुरक्षाबल पेलेट गन्स का इस्तेमाल कर रहे है. पेलेट एक तरह के छर्रे होते है जो दुश्मन को टारगेट करके मारे जाते है. यह छर्रे टारगेट के शरीर में घुस जाते है. इन छर्रों से किसी की जान जाने का कोई खतरा नही है. शरीर में घुसने के बाद केवल सर्जरी से इनको निकला जा सकता है. पेलेट से दिए गए घाव को ठीक होने में 2 से 3 हफ्तों का समय लगता है
श्रीनगर के एक अस्पताल में एक 5 साल के बच्चे की आँख में छर्रे लगे हुए है. घायल बच्चा राजू के पिता सवाल करते है की इस बच्चे की क्या गलती है. क्या इन सब की जरुरत थी? वही एक 17 साल के युवक की आँखों की रौशनी जा चुकी है. यह भी सुरक्षाबलों की पेलेट गन का शिकार हुआ था. अगर आप इन पेलेट गन से घायल हुए लोगो की तस्वीर देख ले तो आपके रोंगटे खड़े हो जायेगे. अगर निर्दोष लोग भी इस तरह सुरक्षाबलों का शिकार बनेगे तो उनमे इनके प्रति और नफरत बढ़ेगी.

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