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Thursday, 31 March 2016

SR25: Weekly ticket for Riyadh Metro

SR25: Weekly ticket for Riyadh Metro



इतना बदल गया 1 रुपए का नोट, सरकार अब लॉन्च करेगी ऐसा पिंक व ग्रीन नोट

इतना बदल गया 1 रुपए का नोट, सरकार अब लॉन्च करेगी ऐसा पिंक व ग्रीन नोट

नई दिल्ली. सरकार एक रुपए का नया पिंक और ग्रीन कलर का नोट जारी करेगी। इसमें रुपए का चिन्ह भी रहेगा। पीछे की तरफ तेल कुएं 'सागर सम्राट' की फोटो रहेगी। इस मौके पर KHAAS NAZAR बता रहा है कि आजादी के पहले से अब तक एक रुपए का नोट कितना बदल चुका है। इनमें से कई नोट ऑनलाइन वेबसाइट्स पर बेचे जा रहे हैं। इनकी कीमत 100 रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक है। जानिए कितना बदल गया है एक रुपए का नोट...
- 1917 से अब तक एक रुपए के नोट को कई बार बदला जा चुका है।
- अब तक इन नोटों का रंग-रुप और साइज बदल चुका है।
- 1917 में एक रुपए का नोट जहां व्हाइट पेपर पर छापा जाता था, वहीं अब यह पिंक और ग्रीन कलर में छपेगा।
- इस दौरान एक रुपए के नोट को ग्रीन, लाइट यलो और लाइट रेड कलर में छापा जा चुका है।
- एक रुपए के नए नोट पर आरबीआई गवर्नर का नहीं, बल्कि फाइनेंस सेक्रेटरी का साइन होता है।
- एक रुपए से ज्यादा के नोट पर आरबीआई गवर्नर का साइन होता है।
ऑनलाइन बिक रहे हैं एक रुपए के पुराने नोट
- ई-शॉपिंग कम्पनी ‘ईबे’ ने एक रुपए के एक नोट की बोली 7 लाख रुपए तक लगाई थी।
- नोट की खासियत यह थी कि ये नोट आजादी से पहले का इकलौता 1 रुपए का नोट है।
- नोट पर उस समय के गवर्नर जेडब्ल्यू केली का साइन है।
- 80 साल पुराने इस नोट को ब्रिटिश इंडिया सरकार ने 1935 में जारी किया था।
- ऐसा नहीं है कि ऑनलाइन सिर्फ यहीं नोट बिक रहा है। अलग-अलग साल के कई एक रुपए के नोट ऑनलाइन बिक रहे हैं।
- अलग-अलग समय वाले नोट की प्राइस अलग-अलग हैं।

बेटे की हत्या करने वाले इंजीनियर की दुखद कहानी सुनकर कोर्ट ने माफ की उम्रकैद

चेन्नई. तमिलनाडु के एक कोर्ट ने बेटे की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे शख्स को रिहा करने का ऑर्डर दिया है। मंगलवार को लोअर कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई पिटीशन पर सुनवाई हुई। इस दौरान दोषी इंजीनियर के वकील ने जजों को उसकी दर्द भरी कहानी सुनाई। बेंच ने इंजीनियर की उम्रकैद की सजा माफ करते हुए उसकी रिहाई का फैसला सुना दिया। जरूरी नहीं हर मर्डर में आईपीसी में सजा मिले...
 
- जजों ने कहा, ''यह जरूरी नहीं है कि हर हत्या आईपीसी की धाराओं के तहत दोषी हो। गैर इरादतन हत्या भी दंडनीय है।''
- ''बेसिकली आरोपी के पास हत्या के पीछे की मंशा होती है। लेकिन एक आदमी जिसका दिमाग नॉमर्ल ना हो और उसे अपने किए के बारे में मालूम ना हो कि इसका रिजल्ट क्या होगा। ऐसे शख्स को आईपीसी 299 के तहत दोषी नहीं माना जा सकता है।''
- स्टीफन के वकील और बार काउंसिल ऑफ तमिलनाडु के चेयरमैन डी सेल्वम ने कोर्ट में उसकी दर्द भरी कहानी सुनाई। स्टीफन के स्ट्रेस और डिप्रेशन में होने का हवाला देकर उम्रकैद की सजा माफ करने की गुजारिश की थी।
- स्टीफन की हालत को देखते हुए जस्टिस एम. जयचंद्रन और एस. नागामुत्तू ने दो साइकायट्रिस्ट को उसके इलाज का जिम्मा सौंपा था। इलाज के बाद साइकायट्रिस्ट ने दोबारा उसके बयान लिए। कोर्ट से कहा कि मरीज पर कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है। वह डिप्रेशन के चलते दोबारा सुसाइड की कोशिश कर सकता है।
 
ऐसी है इंजीनियर की दुखद स्टोरी
 
- वेल्लूर के एक बेहद गरीब परिवार में स्टीफन का जन्म हुआ। उसने बचपन से ही जिंदगी की बड़ी दिक्कतों का सामना किया। 
- जैसे-तैसे इंजीनियरिंग की और चेन्नई की एक कंपनी में अच्छी नौकरी करने लगा। 
- स्टीफन को यहां एक लड़की से प्यार हुआ और दोनों ने शादी कर ली, जिसके बाद उनका एक बेटा भी हुआ। 
- 22 अक्टूबर, 2008 को स्टीफन के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसने उसकी फैमिली को तबाह कर दिया। 
- वेल्लूर में अपने पिता से मिलकर चेन्नई लौट रहे स्टीफन की कार का एक्सीडेंट हो गया, जिसमें पत्नी की मौत हो गई।
- बेटे को भी काफी चोट आई। हादसे में स्टीफन अपाहिज हो गए और नौकरी भी चली गई। 
- इसके बाद इलाज और बेटे की जरूरतों को पूरा करते हुए कर्ज में ऐसे घिरे कि सारी जमा पूंजी खर्च हो गई।
- अकेलेपन में धीरे-धीरे स्टीफन डिप्रेशन का शिकार हो गए। उन्होंने एक दिन बेटे को जहर देकर मारने का फैसला कर लिया।
- खुद भी फांसी लगाई लेकिन बच गए। पुलिस ने हत्या के आरोप में अरेस्ट किया और जून 2010 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

टाटा के फैसले का साइड इफेक्ट: जा सकती है 40 हजार लोगों की नौकरी

टाटा के फैसले का साइड इफेक्ट: जा सकती है 40 हजार लोगों की नौकरी

मुंबई/लंदन। टाटा स्टील ने ब्रिटेन का पूरा बिजनेस बेचने का फैसला किया है। वजह है चीन से सस्ते स्टील का इम्पोर्ट। कंपनी ने कहा कि स्टील के गिरते रेट के कारण वह ब्रिटेन की यूनिट बेचने के लिए मजबूर है। बताया जा रहा है कि ब्रिटेन के स्टील सेक्टर में करीब 40 हजार नौकरियों के खत्म होने के खतरा है। इस बीच यूके के पीएम डेविड कैमरन ने इस मामले में इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। बिजनेस रिव्यू के बाद कंपनी ने लिया फैसला...
- माना जा रहा है कि इस परफॉर्मेंस को देखते हुए ही टाटा ने मंगलवार को अपने बिजनेस रिव्यू में यह फैसला किया। 
- इससे टाटा स्टील की ब्रिटिश इकाई में काम करने वाले हजारों लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ने की आशंका है।
- कंपनी ने कहा, "हमने टाटा स्टील यूरोप को इंग्लैंड के बिजनेस के लिए सभी विकल्प तलाशने को कहा है। इसमें टाटा स्टील यूके को पूरी तरह या कुछ हिस्सा बेचना भी शामिल है।"
- चीन का नाम लिए बगैर कंपनी ने कहा कि हाल के महीनों में ज्यादा सप्लाई और मैन्युफैक्चरिंग की ऊंची लागत के कारण ब्रिटेन समेत पूरे यूरोप में हालात तेजी से खराब हुए हैं।
- मुंबई में हुई बोर्ड की बैठक में इंग्लैंड की सबसे बड़ी ट्रेड यूनियन 'यूनाइट' के महासचिव रॉय रिकहस ने भी हिस्सा लिया।
चीन के सस्ते एक्सपोर्ट से स्थिति खराब

- दुनिया का आधा स्टील प्रोडक्शन चीन करता है। अमेरिका, यूरोपियन यूनियन, रूस और जापान मिलकर जितना बनाते हैं, उससे भी ज्यादा। 
- चीन में घरेलू डिमांड घट रही है। इसलिए वह सस्ता स्टील एक्सपोर्ट कर रहा है। 
- यूरोपियन यूनियन ने जनवरी में चीन के स्टील पर 13% ड्यूटी लगाने की घोषणा की थी। लेकिन यूरोपीय कंपनियों का कहना है कि यह ड्यूटी बहुत कम है और देर से लगाई गई।
घाटे का सौदा बनी 2007 में हुई डील

- टाटा स्टील ने 2007 में 14.2 अरब डॉलर (अब करीब 94,000 करोड़ रुपए) में एंग्लो-डच कंपनी कोरस को खरीदा था। 
- इसके लिए इसने 10.5 अरब डॉलर कर्ज लिया था। 
- अगले ही साल इकोनॉमिक क्राइसिस आ गया, जिससे वर्ल्ड इकोनॉमी अभी तक नहीं उबर पाई है। 
- कोरस को खरीदते वक्त रतन टाटा ग्रुप के चेयरमैन थे। बाद में उन्होंने कहा था,"अगर पता होता कि ग्लोबल इकोनॉमिक क्राइसिस आने वाला है तो यह डील नहीं करता।"
दिसंबर में 675 करोड़ का घाटा
- छंटनी, एसेट सेलिंग और मॉडर्नाइजेशन के बावजूद टाटा स्टील यूरोप फायदे में नहीं आ सकी। 
- दिसंबर 2015 क्वार्टर में यूरोपीय बिजनेस से कंपनी को 675 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। एक क्वार्टर पहले लॉस 365 करोड़ था। 
- कंपनी ने जनवरी में 1,050 लोगों को निकाला। अक्टूबर से कंपनी 3,000 लोगों को हटा चुकी है।
मुश्किल होगा खरीददार तलाशना
- स्टील इंडस्ट्री की हालत देखते हुए टाटा के लिए खरीददार तलाशना बेहद मुश्किल होगा। 
- 1990 के दशक में ब्रिटेन की जीडीपी में स्टील का कॉन्ट्रिब्यूशन 0.5% था, अब 0.1% रह गया है।
- बीते 25 साल में जीडीपी का साइज 62% बढ़ा, लेकिन स्टील इंडस्ट्री 24% घट गई।
भारतीय कंपनी की सबसे बड़ी डील थी
- कोरस को खरीदना किसी भारतीय कंपनी की विदेश में सबसे बड़ी डील थी। 
- इससे टाटा स्टील की कैपेसिटी 87 लाख टन से बढ़कर 2.5 करोड़ टन हो गई थी। 
- डील के बाद टाटा स्टील दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी स्टील कंपनी बन गई थी। फॉर्च्यून 500 में शामिल होने वाली पहली भारतीय कंपनी भी बनी।
इनवेस्टर्स के लिए अच्छा फैसला
- रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने इंग्लैंड का बिजनेस बेचने के फैसले को 'क्रेडिट पॉजिटिव' बताया है।
- बुधवार को बीएसई में टाटा स्टील के शेयरों में 6.75% की तेजी रही।
पीएम कैमरन आज करेंगे इमरजेंसी बैठक

- ट्रेड यूनियनों ने सरकार से प्लान्ट के नेशनलाइजेशन की मांग की है।
- सबसे बड़ी यूनियन 'यूनाइट' ने स्टील सेक्टर को बचाने के लिए प्रधानमंत्री डेविड कैमरन से कदम उठाने की रिक्वेस्ट की है।
- कैमरन गुरुवार को आपात बैठक कर सकते हैं। इंडस्ट्री मिनिस्टर एना सोबरी ने कहा कि सरकार कुछ समय के लिए कंपनी की हिस्सेदारी खरीद सकती है।
सीईओ ने पिछले माह दिया था इस्‍तीफा
- टाटा स्‍टील यूरोप के सीईओ कार्ल कोहेलर ने पिछले माह अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया था।
- कंपनी ने उनकी जगह चीफ टेक्निकल ऑफिसर हैंस फिशर को अपना नया सीईओ नियुक्‍त किया था।
भारत ने सेफगार्ड ड्यूटी की अवधि बढ़ाई
- भारत ने चुनिंदा स्टील प्रोडक्ट्स के इम्पोर्ट पर सेफगार्ड ड्यूटी मार्च 2018 तक के लिए बढ़ा दी है।
- इसका मकसद चीन के सस्ते एक्सपोर्ट से घरेलू इंडस्ट्री को बचाना है। 
- हालांकि, दो साल में सेफगार्ड ड्यूटी को 20% से घटाकर 10% किया जाएगा। पिछले साल सितंबर में यह ड्यूटी लगाई गई थी। 31 मार्च 2016 को इसकी अवधि खत्म हो रही थी।
प्रोडक्शन के मामले में भारत चौथे नंबर पर
भारत - 8.65 करोड़ टन 
अमेरिका -8.82 करोड़ टन 
जापान -11.07 करोड़ टन 
चीन -82.27 करोड़ टन

Monday, 28 March 2016

अजान सुनकर मोदी ने बीच में ही रोका चुनावी भाषण

अजान सुनकर मोदी ने बीच में ही रोका चुनावी भाषण

पश्चिम बंगाल में रविवार को चुनावी रैली को संबोधित करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक उस समय 20 मिनट तक चुप हो गए जब आसपास के मस्जिदों से अजान की आवाज सुनाई दी। 

अपने संबोधन में जिस समय वह सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और माकपा-कांग्रेस गठबंधन पर हमला बोल रहे थे और पूरे लय में थे तभी अजान की आवाज सुनाई दी और उन्होंने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया। यह रैली गोदाबरी मस्जिद के पीछे बीएनआर मैदान में हो रही थी। 

शाम की अजान समाप्त होने के बाद मोदी ने कहा, ‘यह हमारी परंपरा है। हमें सभी धर्मों का आदर करना चाहिए और उनके रस्मों और प्रथाओं का सम्मान करना चाहिए। हमें सभी धर्मों का आदर करना चाहिए ताकि भारत की एकता बरकरार रहे।’

Saturday, 26 March 2016

New York-Based Siblings Killed in Brussels Were 'Sweet And Wonderful'

 New York Siblings Are Among the Dead in Brussels Airport Attack 2:04
Sascha and Alexander Pinczowski were world travelers who friends described as kind-hearted and quick to make those around them laugh.
The siblings, who died in the Brussels terror attacks, were Dutch nationals who lived in New York. They intended to become U.S. citizens, according to Jim Cain, the former U.S. ambassador to Denmark, whose daughter, Cameron, was dating Alexander.
Cameron and Alexander planned on getting married, Cain told NBC News, and both Alexander and his sister wanted to get American citizenship — "Alex, of course, after he married our daughter."
The brother and sister had come to Brussels via the Netherlands, where they visited family, according to CBS New York. Other news outlets, including Dutch newspaper Algemeen Dagblad, reported their father is from Maastricht, a town in the Netherlands.
They had just arrived at the Brussels airport to fly back to New York and were on the phone with a relative when two explosions went off in quick succession. A third blast later went off in a metro station.
ISIS has claimed responsibility for the attacks, which killed at least 31 and injured more than 270.
The Pinczowskis hadn't been heard from since their phone line went dead during the bombings. Cain confirmed their deaths on behalf of the family Friday.
According to friends, the family had spent some time living in Germany.
Alex Kneeshaw, who has known the Pinczowskis for more than 15 years, told theNew York Daily News that Sascha was her best friend.
"We lived in Germany together, where I met the whole family and have been a part of it ever since. She is the kindest, goofiest, and (most) down-to-Earth girl I have ever met," she told the paper.
"She is the only friend that after a year or two of not seeing her we could sit down and act like no time had passed," Kneeshaw said. "When I moved back to America, Sascha came and stayed with me for two weeks to help with the move and support such a big change for me."
Another friend, Mark Lewis, told People Magazine the siblings were "very close" with each other.
"They are sweet and wonderful people," he said, adding that Alexander was an "incredibly friendly, dog-loving person" who had a lot of friends and had a passion for cooking.
Sascha graduated from Marymount Manhattan College in 2014, according to aLinkedIn page that appeared to belong to her. She had recently been a production intern for Shiraz Events, a New York events company, and had also been an event production intern at UNICEF.
The president of Shiraz Events said the company is "heartbroken" over her death.
"We remember her as a warm and lively presence during her too brief time with us," Shai Tertner told NBC New York. "Her maturity, motivation, humor and professionalism were marked characteristics in someone of her young age and we felt that she had a great future in our industry. We will miss her tremendously."

New York Gov. Andrew Cuomo called the terrorists who killed them cowards.
"On behalf of all New Yorkers, I extend our deepest prayers and condolences to the Pinczowski family, as well as all those who lost loved ones in Tuesday's heartbreaking attacks," Cuomo said in a statement Friday.
The Belgium Foreign Office had only confirmed nine of the deceased's nationalities Friday: one Peruvian, three Dutch, one from the United Kingdom, one Chinese, two Americans, and one French. Their identities had not been made public.
The family has not spoken publicly since news of Sascha and Alexander's deaths. On Thursday, after being informed that Sascha and Alexander weren't on the list of wounded victims, the family thanked the Dutch Embassy and Delta Airlines for their help.
"We especially thank all of our friends and family, across two continents, for their expressions of love, support and prayers for Sascha and Alex. We ask for continued prayers and privacy during this time of grieving as we await final closure." 

अजब! अब बल्ब की रोशनी से खुद ही साफ होंगे कपड़े

सिडनी। वह दिन ज्यादा दूर नहीं है जब आप बिना अपने कपड़ों को साफ किए बिल्कुल साफ-सुथरे दिखेंगे। क्योंकि शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने एक ऐसी तकनीक को विकसित कर लिया है जिससे कपड़ों को बल्ब की रोशनी या धूप में रखने पर वे 6 मिनट के अंदर खुद साफ हो जाते हैं। मेलबोर्न के आरएमआईटी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने विशेष नैनोतकनीक से एक कपड़ा बनाया है जो रोशनी में खुद साफ हो जाते हैं। शोधकर्ताओं के इस दल में एक भारतीय मूल के वैज्ञानिक भी शामिल हैं।
शोधकर्ता राजेश रामनाथन ने बताया कि हालांकि अभी वॉशिंग मशीन को फेंकने से पहले काफी काम किए जाने की जरूरत है। लेकिन इस शोध से भविष्य में खुद साफ होने वाले कपड़ों के विकास के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ है।
अजब! अब बल्ब की रोशनी से खुद ही साफ होंगे कपड़े
वह दिन ज्यादा दूर नहीं है जब आप बिना अपने कपड़ों को साफ किए बिल्कुल साफ-सुथरे दिखेंगे। क्योंकि शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने एक ऐसी तकनीक को विकसित कर लिया है जिससे कपड़ों को बल्ब की रोशनी में रखने पर वे खुद साफ हो जाते हैं।
शोधकर्ताओं ने यह कपड़ा चांदी और तांबा आधारित नैनोसंरचनाओं से विकसित किया है जो अपनी प्रकाश को सोखने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। जब इन नैनोसंरचाओं पर प्रकाश डाली जाती है तो इनमें ऊर्जा के संचार से गर्म इलेक्ट्रॉन निकलते हैं। ये गर्म इलेक्ट्रॉन ढेर सारी ऊर्जा जारी करते हैं जिससे ये कपड़ा कार्बनिक पदार्थों (धूल-मिट्टी आदि) को हटा देता है।
अब शोधकर्ताओं के लिए इस कपड़े को प्रयोगशाला से निकालकर वाणिज्यिक उत्पादन के लायक बनाने की चुनौती है।
रामनाथन बताते हैं कि यह कपड़ा कार्बनिक पदार्थों को तो साफ कर लेता है। लेकिन अब हमारे सामने इसे जैविक पदार्थों को भी साफ करने लायक बनाने की चुनौती है। तभी यह उपभोक्ताओं के लिए प्रासंगिक होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि किस प्रकार यह कपड़ा टमाटर या शराब के दाग-धब्बों को खुद साफ करता है।

Thursday, 24 March 2016

King and Obama deepen 21st century partnership

King and Obama deepen 21st century partnership



ओवैसी को कट्टरवादी बताने वालों के मुंह पर करारा तमांचा है ,AIMIM के हिन्दू प्रत्यासी भी जीते

          ओवैसी को कट्टरवादी बताने वालों के मुंह पर करारा तमांचा है ,AIMIM के हिन्दू प्रत्यासी भी जीते ओवैसी के पार्टी AIMIM के टिकट ...