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Friday, 12 February 2016

Muslims provide land, collect Rs 50,000 to build Ram Temple.

Morena, Feb 3: Setting a rare example of communal harmony, Muslims in Madhya Pradesh’s Morena district have given land to build Ram Temple in their village.
ramtempleMorena’s Khedakala village made headlines after the people of Muslim community here gave land to Hindus to build ‘Sri Ram Janki Temple’ in the village.
Also, these Muslims collected about Rs 50,000 and gave the amount to aid construction of temple.
Reportedly, over 80 Muslim families staying in the village didn’t think even once before offering their land to Hindus for construction of ‘Sri Ram Janki Temple’.
“Muslim brothers facilitated the construction of temple in every possible manner,” Sant Kumar Singh, Sarpanch of Khedakala village, said.

लव यू, लव यू करने से चारों ओर हो जाएगी तबाही: आसाराम.

जोधपुर नाबालिग के साथ यौन दुराचार के आरोप में फंसे आसाराम वेलेंटाइन डे मनाने के प्रचलन को सही नहीं मानते। सेशन न्यायालय (जोधपुर जिला) में गुरुवार को नियमित सुनवाई पर पेश होने आए आसाराम ने मीडियाकर्मियों के समक्ष कहा कि, वेलेंटाइन-डे के नाम से संस्कारो का हृास हो रहा है।
माता-पिता पूजन दिवस मनाया जाए। माता-पिता का पूजन करने से संस्कारो का विकास होगा। लव यू, लव यू करने से चारों ओर तबाही हो जाएगी, जबकि पूजन से संस्कारो का विकास होगा और संतान का कल्याण होगा

रामायण पर परीक्षा में मुस्लिम छात्रा पूरे जिले में अव्वल.

मेंगलुरु देश में असहिष्णुता पर चल रही बहस के माहौल में कर्नाटक से धार्मिक सहिष्णुता का एक बेहतरीन उदाहरण सामने आया है। कर्नाटक-केरल सीमा पर स्थित सुल्लियापडावु के सर्वोदय हाई-स्कूल की 9 वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक मुस्लिम छात्रा फातिमात राहिला ने ‘रामायण’ पर आधारित परीक्षा में पूरे जिले में पहला स्थान हासिल किया है। राहिला पुट्टुर जिले की रहने वाली हैं। इस जिले को ध्यान में रखते हुए, यह एक अस्वाभाविक-सी खबर है।
 परीक्षा में अव्वल रहने वाली फातिमात राहिलाभारतीय संस्कृति प्रतिष्ठान ने नवंबर, 2015 में ‘रामायण’ पर आधारित एक परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा के परिणाम में राहिला को 93 प्रतिशत अंक मिले हैं। जानकारी मिली है कि राहिला हिंदू धर्म के दो सबसे बड़े धार्मिक ग्रंथों रामायण और महाभारत पर आधारित पाठ्यक्रम में पढ़ना चाहती हैं।
राहिला के पिता इब्राहिम एम (फैक्टरी कर्मचारी) ने बताया कि इस संदर्भ में राहिला के चाचा ने उसकी काफी मदद की। राहिला की माता एक घरेलू महिला हैं। मुस्लिम दंपती चाहता था कि उनकी लड़की पूरे प्रदेश में अव्वल आए।
इब्राहिम ने आगे कहा कि उनकी बेटी ने पूरे कर्नाटक में अव्वल आने के उद्देश्य के साथ बहुत मेहनत की थी, लेकिन लक्ष्य को पूरी तरह से पाने में सफल नहीं हो पाई। कक्षा 9 में ही राहिला की रुचि प्राचीन हिंदू साहित्य में बनी। राहिला ने खुद बताया कि वर्तमान सत्र की शुरुआत से ही उसने प्रतियोगिता के लिए मेहनत शुरू कर दी थी। उसने ‘महाभारत’ पर आधारित परीक्षा में भी बैठने की इच्छा जताई।
राहिला के प्रधानाचार्य शिवराम एच डी और परीक्षा के संयोजक पी सत्यशंकर भट ने स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा में भाग लेने या तैयारी करने के लिए बाध्य नहीं किया जाता, यह पूरी तरह से स्वेच्छा का विषय है। सत्यशंकर ने परीक्षा के संबंध में जानकारी दी कि परीक्षा में सिर्फ साहित्यिक प्रश्न किए जाते हैं और इसमें किसी भी तरह के धार्मिक प्रश्न नहीं रखे जाते।
राहिला के स्कूल से इस बार करीबन 39 विद्यार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था। इस परीक्षा में सिर्फ 8वीं और 9वीं कक्षा के विद्यार्थी ही हिस्सा ले सकते हैं। बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों को इसमें भाग नहीं लेने दिया जाता। राहिला को भी अगले सत्र में बोर्ड परीक्षा देनी है और इसलिए वह महाभारत की पढ़ाई छुट्टियों के दौरान करना चाहती हैं। 

नेपाल में स्वाइन फ्लू ने की एंट्री !

भारत से सटे नेपाल के जिलों में स्वाइन फ्लू ने अपना प्रकोप फैकना शुरू कर दिया है ! पोखरा , पाल्पा जिलों में स्वयंव फ्लू तेज़ी से फ़ैल रहा...